केंद्र सरकार का जैव ईंधन के क्षेत्र में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। सरकार जैव ईंधन के क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को हर स्तर पर योजनाओं, नीतियों, सुविधाओं के जरिए सपोर्ट कर रही है। केंद्र सरकार के निरंतर समर्थन मिलने को लेकर ग्रीन एनर्जी की दिग्गज कंपनी नेक्सजेन एनर्जिया के एमडी एपी पाठक ने कहा है कि सरकार की ओर से मिल रहे समर्थन के कारण कई उद्यमी इस क्षेत्र की तरफ आकर्षित हो रहे हैं।
गौतरलब है कि नेक्सजेन एनर्जिया के वर्षों के अनुभव के साथ देशभर में सीबीजी (कंप्रेस्ड बायोगैस) प्लांट्स स्थापित कर कई समस्याओं से निजात दिलाने पर काम कर रही है। नेक्सजेन एनर्जिया के इसी लक्ष्य के साथ जुड़कर मेरठ के अमित कुमार कंसल ने बागपथ रोड के पास सीबीजी प्लांट स्थापित किया है। इस प्लांट को स्थापित करने के लिए उन्हें नौ में से सात एनओसी अलग अलग विभागों से मिल चुकी है, जिसके लिए नेक्सजेन एनर्जिया ने हर स्तर पर मदद की है।

इस प्लांट के संबंध में अमित कुमार कंसल ने बताया कि नेक्सजेन एनर्जिया के साथ जुड़ने से पूर्व उनका विचार पेट्रोल पंप खोलने के था, मगर कम प्रदूषण फैलाने और पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण कंप्रेस्ड बायोगैस से जुड़ने का फैसला किया। हालांकि प्लांट खोलने के निर्णय से पूर्व अमित ने नेक्सजेन एनर्जिया के अंबाला स्थित प्लांट में विजिट किया और पूरी कार्य प्रणाली को देखा। इस प्रोसेस के जरिए पता चला कि ना सिर्फ एक नए फ्यूल का उत्पादन प्लांट में किया जा रहा है बल्कि देश में लगातार बढ़ रहे कूड़े की समस्या का भी निदान किया जा रहा है, जो “स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत” के सपने को साकार करेगा।

अंबाला प्लांट में दिखा असर

अमित ने बताया कि नेक्सजेन एनर्जिया का अंबाला स्थित प्लांट विजिट कर मन में चल रहे कई सवालों से जवाब मिले। वहीं देश में फैली कई समस्याओं को खत्म करने की एक उम्मीद भी जागी। उन्होंने कहा कि कचरा अगर सही तरह से निष्पादित होता है तो ये एक पंथ दो काज के बराबर है। पहला सरकार ती ईंधन के लिए विदेशों पर निर्भरता कम होती है वहीं कचरा निष्पादित होने से पर्यावरण भी स्वच्छ होता है, जिससे स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के सपने को साकार किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार देश को प्रदुषण मुक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिसके लिए सीबीजी गैस को बढ़ावा दिया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल प्रदूषण को फैलाने का काम करते हैं जबकि सीबीजी इसे कम करने में अहम रोल अदा करती है। आज के समय में सरकार के समर्थन के साथ युवा भी ई-व्हिकल और सीबीजी की तरफ अपना इंटरेस्ट दिखा रहे है। इससे साफ है कि आने वाले समय में सीबीजी को राष्ट्रीय स्तर पर ना सिर्फ पहचान मिलेगी बल्कि सराहनीय बढ़ावा भी मिलेगा। प्रदूषण, व पढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों से राहत भी मिलेगी।

अमित का कहना है कि नेक्सजेन एनर्जिया के दूरगामी विजन को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी भी समर्थन दे रहे हैं। सीबीजी गैस निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण रूप से पॉल्यूशन फ्री है। दिल्ली जैसे बड़े शहरों में कूड़े के बड़े बड़े पहाड़ों को खत्म कर ईंधन निर्माण करने में कंपनी का महत्वपूर्ण रोल हो सकता है। इसे देखते हुए अमित कुमार कंसल ने बागपथ रोड़ पर नया प्लांट स्थापित करने का फैसला किया है, जिसके लिए कार्य शुरू हो चुका है।

गौरतलब है कि हाल ही में आई कोविड 19 महामारी के कारण कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हुई है। वहीं दिल्ली में वर्षों से स्मॉग की समस्या जस की तस बनी हुई है। कई इंडस्ट्रियों के कारण प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सीबीजी गैस के कारण पर्यावरण में सुधार और प्रदूषण से निजात मिलने की सकारात्मक पहल की शुरुआत की गई है। यही कारण है कि सरकार भी इस कदम को लगातार सराहना करते हुए इस दिशा में काम कर रही है।

जानें नेक्सजेन एनर्जिया का प्लान

अमित कुमार कंसल जैसे अन्य उद्योगपतियों को नेक्सजेन एनर्जिया की तरफ से इंफ्रास्टक्चर समेत अन्य सहूलियतें दी जाएगी। बता दें कि नेक्सजेन एनर्जिया वर्ष 2027 तक देश में एक हजार प्लांट्स स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके लिए हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, आदि राज्यों का चुनाव किया गया है। यहां कई शहरों में कंपनी की मदद से उद्यमियों द्वारा सीबीजी प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे जो “स्वच्छ भारत” के सपने को साकार करने में मदद करेंगे। रोहतक, बागपत, वाराणसी, मेरठ, नोएडा आदि में भी कंपनी के प्लांट स्थापित होंगे, जिससे कंप्रेस्ड बायोगैस अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जा सके। वहीं अंबाला में कंपनी का एक प्लांट फंक्शनल भी है, जहां बड़ी मात्रा में गैस निर्माण सफलतापूर्वक किया जा रहा है।

देशभर में स्थापित होने वाले प्लांट्स में बड़ी मात्रा में कंप्रेस्ड बायोगैस और बायोखाद का निर्माण किया जाएगा जो कि पर्यावरण के साथ अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी सिद्ध होंगे। बता दें कि इन प्लांट्स में हर वर्ष सैंड़कों टन सीबीजी गैस का निर्माण किया जाएगा, जो कि ईंधन के तौर पर इस्तेमाल होगी। वहीं वर्तमान में पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन को खरीदने के लिए केंद्र सरकार को विदेशों पर आश्रित होना पड़ता है जिसके लिए हर वर्ष 30 हजार बिलियन डॉलर का भुगतान किया जाता है। आने वाले समय में ये राशि पूर्ण रूप से बचाई जा सकेगी।

बायबैक से होगा फायदा

कंपनी की तरफ से हर एंट्रप्रेन्योर को बायबैक की सुविधा मिलती है जिससे एंट्रप्रेन्योर की आय पहले ही दिन से तय हो जाती है। बायबैक होने से इस क्षेत्र में रिस्क फैक्टर ना के बराबर होता है। कंपनी के एमडी एपी पाठक का कहना है कि हर प्लांट से कंपनी खुद ही फाइनल प्रोडक्ट यानी सीबीजी एक तय दाम में खरीदेगी। इसके अलावा एंट्रप्रेन्योर प्लांट में बनने वाली बायोखाद को भी किसानों को बेचकर अतिरिक्त कमाई कर सकता है। कृषि क्षेत्र में बायोखाद के अधिक लाभ होते हैं।

बता दें कि नेक्सजेन एनर्जिया लिमिटेड, जो बायो फ्यूल, कंप्रेस्ड बायोगैस के निर्माण में महारथ हासिल किए हुए है। कंपनी वर्ष 2019 से संचालित है, और देशभर में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने पर जोर दे रही है।

सरकार है एंट्रप्रेन्योर की साथी

केंद्र सरकार सीबीजी को बढ़ावा देते हुए बायोगैस निर्माण से जुड़े एंट्रप्रेन्योर को कई योजनाओं और सुविधाएं देती है। सरकार की तरफ से प्लांट स्थापित करने पर लैंड यूज में टैक्स छूट, इंटरेस्ट में सब्सिडी, कई तरह के टैक्स बैनेफिट एंट्रप्रेन्योर को दिए जाते हैं। राज्य सरकार जीएसटी पर भी खास सुविधाएं मुहैया कराती है। Apply Now: https://nexgenenergia.com/new-registration

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